हरियाणा के 22 HPS होंगे प्रमोट, बनेंगे IPS, देखिए लिस्ट
- By Gaurav --
- Monday, 02 Feb, 2026
22 HPS officers of Haryana will be promoted and will become IPS officers, see Lilt
हरियाणा पुलिस सर्विस (HPS) के अफसर भी आईपीएस प्रमोट होंगे। हरियाणा सरकार ऐसे अफसरों का यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) को नाम भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य सचिव हरियाणा अनुराग रस्तोगी ने ऐसे 22 एचपीएस अफसरों को इंटेब्रिटी सर्टिफिकेट जारी किए हैं।
जिन अफसरों को ये सर्टिफिकेट दिए हैं, उनमें मुकेश कुमार, ध्यान सिंह पूनिया, धर्मवीर सिंह, चलजिंद्र सिंह, जयबीर सिंह, कुशाल सिंह, राज कुमार वालिया, ताहिर हुसैन, सिंह, नरेंद्र सिंह, रविंद्र कुमार, राजेश कुमार, ममता खर्च, रविंद्र विजय सिंह, सिद्धार्थ डांडा, करण गोयल, संदीप कुमार, पूनम, भारती डवास, अमित दहिया, ऊषा देवी और जितेंद्र गहलावत शामिल हैं
पूर्व सीएम के समय फंस चुकी फाइल
दो साल पहले जब पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में 13 HPS के प्रमोशन की फाइल की मंजूरी मिली थी, लेकिन सूबे के गृह विभाग की ओर से HPS अफसरों के प्रमोशन की तैयार की गई फाइल को तत्कालीन मुख्य सचिव (CS) संजीव कौशल ने आपत्ति जताते हुए वापस भेज दिया था।
उस समय कई HPS अफसरों की एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट (ACR) ही पूरी नहीं थी, इसके कारण उनके इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ था।
यहां पढ़ते हैं क्या होता है इंटेब्रिटी सर्टिफिकेट
आधिकारिक दस्तावेज होता है
इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट (सत्यनिष्ठा प्रमाण पत्र) एक आधिकारिक दस्तावेज़ है जो ये प्रमाणित करता है कि किसी अफसर के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक मामला, आपराधिक जांच या भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है.। यह उनकी ईमानदारी और निष्पक्षता की पुष्टि करता है। यह आमतौर पर पदोन्नति, या संवेदन शील भूमिकाओं के लिए आवश्यक होता है।
ये तभी मिलता है जब अफसर ईमानदार हो
इस सर्टिफिकेट से यह सिद्ध होता है कि अफसर का रिकॉर्ड बेदाग है और उस पर भरोसा किया जा सकता है। इस सर्टिफिकेट के लिए कोई सतर्कता मामला, पुलिस केस, या चार्जशीट लंबित नहीं होनी चाहिए। आम तौर पर विभाग प्रमुख या एक सक्षम प्राधिकारी द्वारा ये जारी किया जाता है। यह प्रमाण पत्र सुनिश्चित करता है कि संबंधित व्यक्ति ने अपने पिछले काम में ईमानदारी बरती है।
2002 बैच के एचसीएस अफसरों को राहत
हरियाणा सरकार के 2002 बैच के उन एचसीएस अफसरों को कैट से राहत मिली है, जिन्हें प्रोवीजनल तौर पर आईएएस में प्रमोट किया गया था। यूपीएससी ने पिछले साल इन अफसरों के नामों पर विचार किया था और लंबित केस के कारण उनका नाम प्रोवीजनल लिस्ट में शामिल किया गया था। अब केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) ने हरियाणा सिविल सेवा (HCS) के आठ अधिकारियों को अंतरिम राहत प्रदान की है, जिनकी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नति 2002 के HCS भर्ती मामले में कथित संलिप्तता के कारण रुकी हुई है।
इन अफसरों को मिली राहत
कैट ने 27 जनवरी को पारित अपने नवीनतम आदेश में, न्यायाधिकरण ने निर्देश दिया कि उसकी पूर्व अंतरिम सुरक्षा 27 अप्रैल, 2026 तक जारी रहेगी, जिससे IAS चयन सूची रद्द नहीं होगी। जिन आठ अधिकारियों को राहत मिली है, उनमें जगदीप ढांडा, सरिता मलिक, कमलेश भादू, कुलधीर सिंह, वत्सल वशिष्ठ, जग निवास, वीना हुडा और सुरेंद्र सिंह-1 का नाम शामिल हैं।